बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली के बारे में -
बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली में राज्य सरकार के सभी वर्ग के नियमित कर्मचारी एवं पदाधिकारियों की सेवा मामलों एवं सेवांत लाभों की स्वीकृति तथा भुगतान से संबंधित शिकायतों का 60 दिनों के अंदर निवारण कराया जाता है । सभी जिला एवं विभाग के स्तर पर एक-एक सेवा शिकायत निवारण पदाधिकारी होते हैं जो सुनवाई कर शिकायतों का निवारण कराते हैं तथा निर्णय पारित करते हैं |
सरकारी सेवकों द्वारा अपनी नियुक्ति से संबंधित मामले, सेवा-सम्पुष्टि, वेतन भुगतान एवं वेतन वृद्धि, प्रोन्नति, ए.सी.पी. एम.ए.सी.पी.,वरीयता निर्धारण, आकस्मिक छुट्टी को छोड़कर शेष छुट्टियों की स्वीकृति छुट्टी-वेतन, देय भत्तों की स्वीकृति एवं भुगतान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और सेवांत लाभ, जैसे-पेंशन, उपादान, ग्रूप बीमा, अव्यवहृत उपार्जित छुट्टी के बदले नगद भुगतान तथा सामान्य भविष्य निधि भुगतान से संबंधित मामले पर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है ।
सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मचारी तथा सरकारी सेवक की मृत्यु की दशा में उनके आश्रित के द्वारा शिकायत दर्ज करायी जा सकती है । शिकायत की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत किये गए साक्ष्यों और उतरदायी पदाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन पर विचार कर सेवा शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा निर्णय पारित किया जाता है । निर्णय की सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाती है ।
यह व्यवस्था निःशुल्क है और प्रत्येक प्रकरण की जानकारी शिकायतकर्ता को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रदान की जाती है । पूरी प्रक्रिया वेब आधारित एवं ऑनलाईन रखी गयी है और इसके लिए ‘सेवा समाधान’ के नाम से वेब पोर्टल बनाया गया है । जिज्ञासा हेल्पलाईन के टाल फ्री नम्बर 14403 पर भी कॉल कर शिकायत की स्थिति जानी जा सकती है ।
इस शिकायत निवारण प्रणाली का कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है ।
प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राज्य सरकार के न्याय के साथ विकास की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी कृत संकल्पित है ।